Islamic

*मौलाना जलालुद्दीन रुमी रहमतुल्लाह अलैह फरमते है: हर वक्त अल्लाह का शुक्र अदा करते रहो - सिर्फ पैसा ही रिज़्क़ नहीं है!*
            
*" इल्म "  अक़ल " ज़हेन " चेहरा " औलाद " अदब " अख़लाक़ "और मुखलिस दोस्त " भी बहेतरीन रिज़्क में शामिल है*

Comments

Popular posts from this blog

Islamic question and answers

Islamic